बचपन
------------------------------ ------------------------------ ------------------------------ ------------------------------ ------
चिराग डेल्ही की रेड लाइट से
शाहदरा मेट्रो तक
अनगिनत
बेकार
भूखे
अनपढ़
लाचार
बचपन
मैले -कुचैले ,
दुर्गन्धित
प्यासे
सपनो का बचपन
अभी दोपहर कि ही बात है
नहर के ऊपर लगे
मोटे पाइप से
पी रहा था पानी ,
बचपन
उम्र ही क्या
महज़ 10
मुहमे सिगरेट दबाये
चल रहा था
बचपन
रेड लाइटओ पे
10 रूपया के
खिलौने मात्र के लिए
पिट रहा था
बचपन !
नंगे पावं
धूप में
छालो को
घिस रहा था
बचपन
मनीष भारतीया
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें