रविवार, 3 अगस्त 2014

बचपन

                                          बचपन 
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चिराग डेल्ही की रेड लाइट से 
शाहदरा मेट्रो तक 
अनगिनत 
बेकार 
भूखे 
अनपढ़ 
लाचार 
बचपन 

मैले -कुचैले ,
दुर्गन्धित 
प्यासे 
सपनो का बचपन 

अभी दोपहर कि ही बात है 
नहर के ऊपर लगे 
मोटे पाइप से 
पी रहा था पानी , 
बचपन 

उम्र ही क्या 
महज़ 10 
मुहमे सिगरेट दबाये 
चल रहा था 
बचपन 

रेड लाइटओ पे 
10 रूपया के 
खिलौने मात्र के लिए 
पिट रहा था
 बचपन !

नंगे पावं 
धूप में 
छालो को 
घिस रहा था
 बचपन 

मनीष भारतीया

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