सोमवार, 18 अगस्त 2014

भांजियों के लिए

भांजियों के लिए

ले आया हूँ
बोस्की का पंचतंत्र
अपनी भांजियों के लिए !

पर उन्हें अभी देने से ज़रा घबराता हूँ
छोटी तो नहीं हैं वो अभी इतनी
की उन्हें किताब उपहार में न दी जा सके
पर दोनों बहुत शरारती हैं
जब आती हैं वो घर पे
तो मुझे बहुत सम्भालना पड़ता है अपनी किताबो को

पिछली बार
रच गयी वो
कितने पाकिस्तान के कई पन्नो पे
अपनी कारिस्तानियां
पॉलगोमरा का,,
 ही बचा है
स्कूटर पे एक लाल स्केच से
एक कार बना दी है
जो कार लगती तो नहीं
पर छोटीवाली से पूछो
तो वो ही बताती है !

रोल्ड डल्फ की कहानियो की किताब के
अठत्तरवें पेज पे
पेंसिल से
ए , बी , सी , डी लिख डाली है

झुम्पा लहरी की अनभयस्त धरती को
सच में
अनभयस्त कर दिया

मंटो को बना दिया कालजयी लेखक
उसके पहले पन्ने पे
टेढ़े-मेढ़े से लिखे
उनके छोटे हाथो से
लडखडाती हुई पेंसिल से लिखा
कालजयी पढ़ने के बाद
ये पता चल जाएगा !

आँख की किरकिरी के
दूसरे पन्ने पे बना
टेढ़-बाकुल आम
उनकी सबसे प्यारी कलाकारी है

निदा फ़ाज़ली के चेहरे पे
मूंछ बना देना
समरसेट माम की
चाँद और छः आने पे
एक नया चाँद बनाया है !

ब्राटिस्लावा की परायी बेटियां
मोहन राकेश के
आखरी चट्टान तक
नहीं जा पाती
बीच में इन्होने
कुछ पन्नो को
फाड़ दिया है !

आपका बंटी से
50 से 60 तक की संख्या के
पेज गायब हैं
कादंबरी दो
अपना मोटापा कम कर चुकी है

मिखाईल सोलोख़ोव के साहित्य
को
पानी में भिगा दिया था
गलती से बोतल गिर गयी थी पानी की !

मॉडर्न इंडियन थिएटर के
हर चैप्टर पे
कुछ नया लिखा है इन्होने !
द कोस्टा
डेवलपमेंट ड्रामा का
कवर अलग मिला था
मन-माटी
के दसवें पन्ने पे
रावण बना मिला
दस नारियाँ रविन्द्र जी के कहानी संग्रह में
जिसमे दस कहानिया थी
महज़ आठ ही मिली !
मंटो के रेडियो नाटक
मत पूछो

हाँ मैं लाया हूँ
बोस्की का पंचतंत्र
अपनी भांजियों के लिए
दूंगा उन्हें
पर कुछ दिनों बाद !

मनीष भारतीया

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